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सिकंदराबाद: रामलीला में मंचित हुआ कुंभकरण वध और लक्ष्मण शक्ति का अद्भुत दृश्य

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सिकंदराबाद रामलीला में मंचित हुआ कुंभकरण वध और लक्ष्मण शक्ति का अद्भुत दृश्य। मेघनाथ द्वारा ब्रह्मास्त्र प्रयोग से लक्ष्मण मूर्छित हुए, हनुमान संजीवनी बूटी लाए और श्रीराम ने कुंभकरण का वध किया। पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।


सिकंदराबाद: नगर के रामवाड़ा मैदान में चल रही रामलीला में शनिवार की रात कुंभकरण वध और लक्ष्मण शक्ति की लीला का मनमोहक मंचन किया गया। दर्शकों ने जय श्रीराम के नारों के बीच इस अद्भुत दृश्य का भरपूर आनंद लिया।

श्री श्यामा श्याम ब्रज लोक लीला संस्था वृंदावन धाम के संस्थापक पंडित नंदकिशोर शर्मा और व्यास दामोदर शर्मा द्वारा रामचरित मानस के आधार पर लीला का सुंदर चित्रण किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भजनलाल वोहरा, पिंकी वोहरा, राधेश्याम गोयल, नरेंद्र सैनी और कमेटी प्रभारी अरविंद दीक्षित ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी की आरती कर किया।

लीला के क्रम में पहले अंगद ने लंका का हाल श्रीराम को सुनाया और युद्ध की तैयारी की बात कही। इसके बाद रावण ने युद्ध की कमान अपने पुत्र मेघनाथ को सौंपी। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच घोर युद्ध हुआ, जिसमें मेघनाथ ने ब्रह्मास्त्र शक्ति का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया।

लक्ष्मण के मूर्छित होने पर भगवान राम अत्यंत दुखी हुए। विभीषण के सुझाव पर सुखन वैद्य को बुलाया गया, जिन्होंने संजीवनी बूटी लाने का उपाय बताया। हनुमान हिमालय गए और संजीवनी बूटी की पहचान न होने पर पूरा पर्वत उठा लाए। बूटी से लक्ष्मण पुनर्जीवित हुए।

इसके बाद मंच पर कुंभकरण वध का रोमांचक दृश्य प्रस्तुत हुआ। विशालकाय कुंभकरण युद्धभूमि में उतरा और वानर सेना के साथ भीषण युद्ध हुआ। अंततः भगवान श्रीराम के बाणों से उसका वध हुआ।

रामलीला के इस भव्य मंचन को देखने के लिए नगर और आसपास से भारी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक जुटे। पूरा मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।


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