सिकंदराबाद नगर के रामवाड़ा में आयोजित श्री रामलीला में श्री श्यामा श्याम ब्रजलोक लीला संस्थान द्वारा मेघनाथ वध और सुलोचना सती की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। लक्ष्मण द्वारा मेघनाथ वध के बाद सुलोचना ने पति का शीश गोद में रखकर सती हो प्राण त्याग दिए।
सिकंदराबाद: नगर के रामवाड़ा स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला कमेटी के तत्वाधान में श्री श्यामा श्याम ब्रजलोक लीला संस्थान, वृंदावन धाम द्वारा सोमवार की रात मेघनाथ वध व सुलोचना सती की लीला का मंचन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अरविंद दीक्षित, संजीव गोयल (आयुषी) और पंडित नंदकिशोर शर्मा ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमानजी की आरती कर किया।
लीला के दौरान कुंभकरण वध के बाद रावण ने अपने पुत्र मेघनाथ को युद्ध के लिए बुलाया। मेघनाथ ने राम दल में पहुंचकर सभी योद्धाओं को युद्ध के लिए ललकारा। इस पर लक्ष्मण ने युद्ध की कमान संभाली और वानर सेना सहित मेघनाथ द्वारा किए जा रहे निकुंबला देवी के यज्ञ को विध्वंस कर दिया।
इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमें लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध कर दिया। मेघनाथ के मारे जाने से पूरी लंका में शोक छा गया। इस दौरान उसकी पत्नी सुलोचना भगवान राम के शिविर में पहुंचीं और अपने पति का शीश लौटाने की प्रार्थना की। भगवान श्रीराम ने सुलोचना को उसका पति का शीश सौंप दिया, जिसके बाद सुलोचना ने अपने पति का सिर गोद में रखकर सती हो गईं। इस हृदयस्पर्शी दृश्य को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
लीला का संचालन प्रभारी अरविंद दीक्षित ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में राहुल गुप्ता, लोकेश कौशल, जगदीश बजाज, दिवाकर गोयल, राकेश मोहन सर्राफ सहित सेवादार राधेश्याम और पप्पू का विशेष सहयोग रहा।
