सिकंदराबाद नगर में मां दुर्गा मंडल के तत्वाधान में निकाली गई भव्य सवारी में 100 से अधिक झांकियों ने आकर्षण बटोरा। शोभायात्रा में भारी भीड़, भक्तों का उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली।
सिकंदराबाद: नगर में मां दुर्गा मंडल के तत्वाधान में बुधवार की रात्रि मां दुर्गे की भव्य सवारी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ नगर के मुख्य बाजारों और मार्गों से निकाली गई। शोभायात्रा में ढोल, बैंडबाजे, डीजे, मां काली के अखाड़े और विभिन्न मनोहारी झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया।
भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ रोशन लाल मित्तल की धर्मशाला से हुआ, जहां गणेश प्रतिमा के समक्ष आरती कर भाजपा क्षेत्रीय विधायक लक्ष्मी राज सिंह, नगर पालिका चेयरमैन डॉ. प्रदीप दीक्षित और मां दुर्गा मंडल के चेयरमैन पंडित सचिन शर्मा ने विधिवत शुरुआत की।
झांकियों ने बटोरा आकर्षण
शोभायात्रा में 100 से अधिक झांकियों का समावेश रहा। इनमें भगवान गणेश, सालासर बालाजी, कालका माई, चामुंडा मैया, काली माता, भोलेनाथ के हाथ पर सती, राम दरबार, महाकालेश्वर, विष्णु भगवान का मछली अवतार, शेषनाग पर विष्णुजी, बाबा मोहन राम, मटकी पर कृष्ण जी, भगवान नरसिंह, नौ देवियों की झांकी, राधा-कृष्ण रास सखी, बाबा खाटू श्याम दरबार, राधा बल्लभ की झांकी, राजस्थानी लोक नृत्य, घोड़ी नृत्य और माता महारानी का भवन प्रमुख आकर्षण रहे।

विशेष रूप से बाबा महाकाल, मटकी पर कृष्ण जी, सालासर बालाजी, चामड़ मैया, माता रानी का भवन, राधा बल्लभ दरबार, बाबा खाटू श्याम, नौ देवी, नरसिंह भगवान और जुगल जोड़ी की झांकियां लोगों का मुख्य आकर्षण बनीं।
भक्तों का उत्साह
नगर और ग्रामीण क्षेत्र से उमड़े हजारों श्रद्धालु शोभायात्रा के साक्षी बने। भक्त बैंडबाजों की धुन पर थिरकते नजर आए और डीजे पर नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। नगर के मुख्य बाजारों—चौधरीवाड़ा, वैधवाड़ा, बड़ा बाजार, हनुमान चौक और कबाड़ी बाजार—में शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया।
व्यवस्था और प्रशासन
शोभायात्रा के दौरान महाकाली के अखाड़ों पर युवकों ने तलवारबाजी और लाठी-डंडों से करतब दिखाए। भीड़ नियंत्रण के दौरान बैलों के आने से अफरा-तफरी भी मच गई। प्रशासन द्वारा आतिशबाजी पर रोक के आदेश के बावजूद शोभायात्रा में जमकर आतिशबाजी हुई।

पुलिस क्षेत्राधिकारी भास्कर कुमार मिश्रा, कोतवाली निरीक्षक अनिल कुमार शाही अपनी टीम के साथ शोभायात्रा की समाप्ति तक मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक रही। वहीं, दनकौर तिराहे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने भी व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
