सिकंदराबाद। क्षेत्र के भराना में स्थित नर्मदेश्वर आश्रम पर श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य राकेश कृष्ण शास्त्री ने कथा में पंचम दिन गोवर्धन महाराज के प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उससे पहले कथा व्यास पीठ का विधिवत पूजन नर्मदेश्वर आश्रम के संरक्षक महंत सीता सरण महाराज, आशीष उपाध्याय ने किया। कथा में कथा व्यास ने बोलते हुए कहा पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि श्री कृष्ण दिन में आठ बार भोजन ग्रहण करते थे। जब बारिश और तूफान ने भूमि को नष्ट कर दिया व पानी के नीचे डुबो दिया तो वृंदावन के भयभीत और असहाय लोगों की मदद करने के लिए भगवान श्री कृष्ण आगे आये। सभी ने मदद के लिए श्री कृष्ण भगवान से प्रार्थना व स्थिति को पूरी तरह समझ लेने के बाद पूरे गोवर्धन पर्वत को बाएं हाथ से उठा लिया। इंद्रदेव के प्रकोप से बृजवासियों की रक्षा करने के दौरान श्री कृष्ण 7 दिन तक गोवर्धन पर्वत को बिना कुछ खाए पिए पकड़े खडे रहे। कृष्ण ने बृजवासियों को मूसलाधार वर्षा से बचाने के लिए 7 दिन तक अपनी छोटी ऊँगली पर उठा कर रखा। इसके बाद इंद्रदेव को एहसास हो गया श्री कृष्ण कोई और नहीं साक्षात् स्वयं नारायण के अवतार हैं।

कथा के मध्य मे सभी भक्तो ने आयोजन समति के सभी पदाधिकारियों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की और छपन्न भोग लगाया। इस मोके पर सीतासरन महाराज के साथ साथ आयोजन समति के सभी पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।
