सिकंदराबाद में 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन से प्रभावित किसानों को अब मिलेगा न्याय। विधायक लक्ष्मीराज सिंह की पहल पर सीएम योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात के बाद किसानों को टावर बेस पर 200% और ROW कॉरिडोर पर 30% मुआवजे की उम्मीद जगी।
सिकंदराबाद: किसानों की लंबे समय से चली आ रही जद्दोजहद को नई उम्मीद मिली है। सिकंदराबाद से गुजर रही 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन परियोजना के मुआवजे को लेकर परेशान किसानों की गुहार पर विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस पहल से उम्मीद जगी है कि अब किसानों को 200% और 30% मुआवजे का लाभ मिलेगा।
दरअसल, किसानों ने विधायक को पत्र लिखकर बताया था कि उनकी जमीन पर टाटा पावर द्वारा जलपुरा-खुर्जा पावर ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी ने केवल फसलों और पेड़ों के नुकसान की क्षतिपूर्ति की बात कही थी, लेकिन टावर बेस और राइट-ऑफ-वे (ROW) कॉरिडोर के लिए भूमि मुआवजे को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया।
किसानों ने इस दौरान भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा 14 जून 2024 को जारी परिपत्र का हवाला भी दिया। इस परिपत्र में स्पष्ट प्रावधान है कि –
- ट्रांसमिशन लाइन के टावर बेस क्षेत्र के लिए किसानों को उनकी जमीन के बाजार मूल्य का 200% मुआवजा दिया जाएगा।
- वहीं, ROW कॉरिडोर के लिए भूमि मूल्य का 30% मुआवजा निर्धारित किया गया है।
पिछले सात महीनों से किसानों को पैमाइश और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू न होने से वे बेहद परेशान थे। इस गंभीर मुद्दे पर विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलकर आग्रह किया कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसानों को उचित मुआवजा सुनिश्चित कराया जाए।
किसानों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब न केवल सिकंदराबाद के किसानों की समस्या का समाधान होगा, बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसी परियोजनाओं से प्रभावित किसानों को भी न्यायपूर्ण मुआवजा मिलेगा।
