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सिकंदराबाद: मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कर बढ़ाया उत्साह, प्रधानाचार्य ने दिया सफलता का मंत्र

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सिकंदराबाद: नगर के गुलावठी रोड स्थित केशव नगर के दयावती दीवान सिंह शुक्ल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। संत रविदास की 350वीं जयंती तथा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संत रविदास की जयंती और वंदे मातरम् से संबंधित साहित्य भी वितरित किया गया, ताकि वह महापुरुषों के विचारों, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के महत्व को समझ सकें।

संत रविदास जी के विचारों से दिया सामाजिक समरसता का संदेश

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने संत रविदास के जीवन, विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज को समानता, प्रेम, सद्भाव और मानवता का मार्ग दिखाया। उनके आदर्श आज भी समाज में एकता, भाईचारे और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।

वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व से कराया परिचित

प्रधानाचार्य ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इसके ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् मातृभूमि के प्रति प्रेम, सम्मान, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। इसके भाव प्रत्येक नागरिक को देश की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं। विद्यार्थियों को वितरित साहित्य के माध्यम से भी इन विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

परिश्रम और अनुशासन से ही मिलती है सफलता

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, अनुशासन, समय का सदुपयोग और दृढ़ संकल्प ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी क्षमताओं को पहचानकर निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से विद्यालय के साथ-साथ अपने माता-पिता और परिवार का नाम भी रोशन कर सकते हैं।

विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार

प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें अच्छे संस्कार अपनाने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और एक योग्य नागरिक बनने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को सम्मानित करने के साथ उनमें अध्ययन के प्रति रुचि, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना रहा। प्रतिभा सम्मान समारोह ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया।


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