सिकंदराबाद। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही नगर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मंदिरों और मोहल्लों में जन्मोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं बाजार लाइट वाले झूले, रंग-बिरंगी पोशाकों, आकर्षक पालनों, मोर मुकुटों, बांसुरियों और श्रृंगार सामग्री से सज गए हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहे हैं।
नगर के बड़ा बाजार, केसरीवाड़ा समेत विभिन्न क्षेत्रों की दुकानों पर लड्डू गोपाल की पोशाकें, झूले, पालने और सजावटी सामान लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। मथुरा-वृंदावन से आई विशेष पोशाकें और मोर पंखों से सजे मुकुट श्रद्धालुओं की पहली पसंद बने हुए हैं। वहीं मोती और कुंदन से सजे पालने भी ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
4 सितंबर को मनाई जाएगी जन्माष्टमी
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के बाद बाजारों में अब जन्माष्टमी की तैयारियां पूरी तरह दिखाई देने लगी हैं। दुकानदारों के अनुसार इस बार पारंपरिक वस्तुओं के साथ कई नए आकर्षक आइटम भी बाजार में उपलब्ध हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के झूले के लिए स्थानीय स्तर पर बने पालनों के साथ स्टील और पीतल पर मोती एवं नग जड़े पालने भी बिक्री के लिए रखे गए हैं। इनकी कीमत 200 रुपये से लेकर लगभग ढाई हजार रुपये तक है, वहीं कान्हा जी की मोती से जड़ी पगड़ी 50 रुपये से लेकर करीब 300 रुपये तक है, जबकि लड्डू गोपाल की पोशाकें 50 रुपये से लेकर 1 हजार रुपये तक उपलब्ध हैं। इसके अलावा बाल स्वरूप कृष्ण और राधा की वेशभूषा, खाट, मुकुट और अन्य श्रृंगार सामग्री भी खूब बिक रही है।
नगर के श्रीकृष्ण बलदेव मंदिर, भजनलाल मंदिर, मोहन बाबा मंदिर, हनुमान चौक, इच्छा वाला मंदिर और रोशन लाल धर्मशाला सहित विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों को झालरों, लाइटों और फूलों से सजाया जा रहा है। वहीं विभिन्न मोहल्लों में श्रीकृष्ण की लीलाओं और भजन-कीर्तन के आयोजन की भी तैयारियां चल रही हैं।
जन्माष्टमी के अवसर पर अपने बच्चों को राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजाने के लिए अभिभावक भी उत्साह के साथ खरीदारी कर रहे हैं। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
