सिकन्द्राबाद: नगर निवासी छात्र नेता अफशान राणा को सोनम वांगचुक और उनके समर्थन में प्रदर्शन करने की तैयारी के दौरान पुलिस द्वारा घर में नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है। राणा का दावा है कि उन्हें रविवार रात करीब 12 बजे से उनके आवास पर ही पुलिस निगरानी में रखा गया है और 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
अफशान राणा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उनका आरोप है कि सोनम वांगचुक और उनके साथियों के साथ अनशन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई निंदनीय है। इसी के विरोध में वे जंतर-मंतर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि “आवाज दबाने से सच नहीं दबता। सोनम वांगचुक आवाजकी मांगें जायज़ हैं और छात्र-युवा उनके समर्थन में खड़े हैं।” साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।
वहीं, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
