सिकंदराबाद: राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में वरिष्ठ महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ.पूनम सिंह की पुनर्नियुक्ति को लेकर सोमवार को डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर एक घंटे के लिए कार्य बहिष्कार किया। हालाँकि, कुछ ओपीडी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों और कर्मचारियों ने डॉ.पूनम पर मानसिक शोषण करने, अस्पताल का माहौल खराब करने और कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब तक डॉ.पूनम का स्थानांतरण नहीं होगा, विरोध जारी रहेगा। इससे पहले, जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा गया था।

डॉ.पूनम के विरोध में प्रदर्शन
- प्रदर्शन के दौरान कई चिकित्सक और स्टाफ ड्यूटी से विरत रहे।
- आशा कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
- हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर नारेबाजी की गई।
- चिकित्सकों ने निर्णय लिया कि समाधान न होने तक काली पट्टी बांधकर ड्यूटी करेंगे।
डॉ.पूनम के खिलाफ स्टाफ का आरोप
प्रदर्शन में शामिल डॉ.पूर्णिमा और अन्य स्टाफ ने आरोप लगाया कि—
“डॉ.पूनम यहां का माहौल खराब कर रही हैं,राजनीति कर रही हैं और स्टाफ का मानसिक शोषण कर रही हैं। पूरे अस्पताल का स्टाफ उनके व्यवहार से परेशान है।”

डॉ.पूनम सिंह का पक्ष
इस मामले पर डॉ.पूनम सिंह ने कहा—
“मेरा स्थानांतरण उत्तर प्रदेश सरकार की दंपति नीति के तहत हुआ है, और इसे उच्च अधिकारियों द्वारा स्वीकृत किया गया है। इसका विरोध अनुचित है। मैं अस्पताल में उपलब्ध दवाओं को मरीजों को दिलाने के पक्ष में हूं और बाहरी दवाइयां लिखने के खिलाफ हूं, जिससे कुछ लोग नाराज हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि—
“यह पहली बार नहीं है जब महिला डॉक्टरों का विरोध हुआ है। पहले भी कुछ महिला चिकित्सकों को संयुक्त चिकित्सालय में टिकने नहीं दिया गया।”

डिप्टी सीएमओ शशिकांत राय का बयान
डिप्टी सीएमओ शशिकांत राय ने कहा कि—
“डॉ.पूनम के स्थानांतरण को वापस लेने के विरोध में कुछ चिकित्सक प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे धरना प्रदर्शन नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह काली पट्टी बांधकर विरोध करने का तरीका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से इस पर चर्चा हो चुकी है और जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।”

क्या है पूरा मामला?
संयुक्त चिकित्सालय में पिछले एक साल से स्टाफ के बीच विवाद चल रहा था। कई बार इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची। विवाद न सुलझने पर डीएम ने 1 जून 2024 को सीएमओ को एक जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए।
फरवरी 2025 में कार्यवाहक सीएमओ ने डॉ. पूनम का स्थानांतरण कर दिया था। लेकिन अब वर्तमान सीएमओ ने इस आदेश को निरस्त कर दिया। इसी को लेकर संयुक्त चिकित्सालय के डॉक्टरों और स्टाफ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

आगे क्या होगा?
इस विवाद को लेकर सीएमओ से बैठक की जा रही है और जल्द ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, अगर विरोध जारी रहता है, तो इसका सीधा असर मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।
