सिकंदराबाद: यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) विनियम 2026 के विरोध में बुधवार दोपहर समाज के लोगों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और एसडीएम सिकंदराबाद को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी नियम 2026 के तहत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश, हॉस्टल आवंटन तथा शैक्षणिक गतिविधियों में भेदभाव रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक संस्थान में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए इक्विटी कमेटी गठित करना अनिवार्य होगा।
साथ ही, शिकायत प्राप्त होने पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू करने और 15 दिनों के भीतर निस्तारण का प्रावधान भी किया गया है।
हालांकि ज्ञापन देने पहुंचे लोगों ने आरोप लगाया कि नियम एकतरफा हैं और सामान्य वर्ग के हितों की अनदेखी करते हैं। उनका कहना है कि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से मांग की कि सामान्य वर्ग के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएं, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय या प्रताड़ना न हो।

एसडीएम दीपक कुमार पाल ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन में प्रदीप शर्मा, अवनीश गुप्ता, राजीव राघव, घनश्याम पंडित, भुवनेश द्विवेदी, विनोद गौड़, रेखा भाटी, सनोज शर्मा, राम मोहन वशिष्ट, विनोद राघव, प्रमोद राघव, नवनीत शुक्ला, सरोज शर्मा, सचिन शर्मा, राजेश कुमार, अनिल अग्रवाल, ऋषभ शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, मनीष पांडे, सूर्यकांत द्विवेदी, राजेश कुमार, प्रशांत गोस्वामी, रोहित ठाकुर, एडवोकेट मोहित अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
