सिकंदराबाद: नगर के गुलावठी रोड, केशव नगर स्थित दयावती दीवान सिंह शुक्ल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के जीवन, उनके कार्यों तथा भारतीय संस्कृति में उनके योगदान का स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को परिश्रम, कौशल, सृजनशीलता एवं कर्म के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राम प्रकाश त्यागी रहे, जबकि अध्यक्षता विनय कुमार ने की। कार्यक्रम की संयोजिका सुनीता शर्मा रहीं तथा संचालन विपिन ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन के साथ हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने विद्यालय की बस का विधिवत पूजन कर भगवान विश्वकर्मा से विद्यालय की व्यवस्थाओं, वाहनों एवं विद्यार्थियों के सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन की मंगलकामना की।
मुख्य वक्ता राम प्रकाश त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, निर्माण, कला, शिल्प एवं तकनीकी कौशल के प्रतीक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर अपने भीतर विभिन्न कौशलों का विकास करें। उन्होंने कहा कि परिश्रम, लगन, अनुशासन और कौशल के बल पर व्यक्ति जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा हमें सृजनात्मकता, कर्मठता, तकनीकी दक्षता और अपने कार्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन एवं विभिन्न प्रकार के कौशलों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जाता है। भगवान विश्वकर्मा जयंती हमें अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास के लिए करने की प्रेरणा देती है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं आचार्यों ने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा अपने कार्य के प्रति निष्ठावान रहने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। अंत में सभी अतिथियों, आचार्यों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया।
