सिकंदराबाद: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से सम्बद्ध शिशु शिक्षा समिति, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में विवेकानंद सरस्वती शिशु मंदिर, सरस्वती नगर, सिकंदराबाद में विभागीय गणित एवं विज्ञान प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा, ज्ञान एवं तार्किक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों एवं विद्यालय पदाधिकारियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्णपाल सिंह ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों, प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक आचार्यों का स्वागत करते हुए कहा कि गणित एवं विज्ञान विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, जिज्ञासा तथा समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने वाले महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रबंधक हरसरण शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने कहा कि प्रश्न मंच जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं।
कोषाध्यक्ष डॉ. एस.एन. शर्मा ने अपने संबोधन में विज्ञान एवं तकनीकी ज्ञान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने प्रतिभागियों से परिणाम की अपेक्षा सीखने की प्रक्रिया पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया।
अध्यक्ष मोहनलाल गोयल ने कहा कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण विद्यालयों में होता है और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना एवं तार्किक दृष्टिकोण विकसित करना शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर प्रदान करती हैं।
प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने गणित एवं विज्ञान से संबंधित विविध विषयों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी विषयगत समझ, त्वरित उत्तर देने की क्षमता तथा आत्मविश्वास का परिचय दिया। विभिन्न चरणों के दौरान स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। निर्णायक मंडल द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतियोगिता का संचालन किया गया तथा शिक्षकों एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आयोजन समिति ने कहा कि ज्ञान को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखकर उसे जीवन में व्यवहारिक रूप से लागू करना ही शिक्षा की वास्तविक सार्थकता है। विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, अनुशासन, जिज्ञासा एवं परिश्रम के माध्यम से अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए।

कार्यक्रम में अध्यक्ष मोहनलाल गोयल, प्रबंधक हरसरण शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. एस.एन. शर्मा, प्रधानाचार्य कृष्णपाल सिंह सहित विद्यालय परिवार, शिक्षकगण, आयोजन समिति के सदस्य एवं विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अंत में प्रधानाचार्य कृष्णपाल सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागी विद्यार्थियों, आचार्यों एवं आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
