सिकंदराबाद: पुरानी जीटी रोड पर इन दिनों बेसहारा गोवंशों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क के किनारे से लेकर बीचोंबीच तक, हर जगह गाय और सांड घूमते नजर आते हैं। कभी कूड़े के ढेर पर चारा खोजते हुए, तो कभी सड़क पर आराम फरमाते हुए – इन गोवंशों की मौजूदगी राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
इस मार्ग पर कई स्कूल स्थित हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे रोज पैदल स्कूल आते-जाते हैं। अभिभावकों को अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है, क्योंकि कई बार गोवंश अचानक सड़क पर दौड़ लगाते हैं जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।

जीटी रोड के दुकानदार अरविंद नेताजी सहित कई व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नगर पालिका की लापरवाही के चलते आए दिन सड़क जाम और दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।

लोगों का कहना है कि बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या समाज में उनके प्रति घटती संवेदनशीलता और बढ़ती क्रूरता का परिणाम है। जब तक गाय दूध देती है, तब तक उसका पालन-पोषण किया जाता है, लेकिन दूध देना बंद होते ही उसे सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। इसके साथ ही चरागाहों का सिकुड़ना और वन क्षेत्रों में मानवीय दखल भी इनके बेघर होने की बड़ी वजह है।
जरूरत इस बात की है कि नगर पालिका प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि मिलकर इन बेसहारा गोवंशों के लिए ठोस व्यवस्था करें, ताकि न केवल हादसों पर अंकुश लगे, बल्कि इन बेजुबान पशुओं को भी सुरक्षित आश्रय मिल सके।
