सिकंदराबाद: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित विवेकानंद सरस्वती शिशु मंदिर, होली मेला रोड सरस्वती नगर सिकंदराबाद में बुधवार को “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति में महिलाओं को शक्ति, करुणा, प्रेम और समर्पण की दिव्य प्रतिमूर्ति माना जाता है। इसी भावना को जागृत करने और नारी के अंतःस्थित ज्ञान, शक्ति एवं नेतृत्व को उजागर करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम विद्या भारती महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी महिला थाना से शिवा रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य अल्पना सिंह उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राज्ञा दीक्षित ने की। अमिता गौड़ ने कुटुंब प्रबोधन पर अपने विचार रखे तथा मुख्य वक्ता प्रभा ने भारतीय समाज में महिलाओं की भूमिका, उनके योगदान और दायित्वों पर विस्तृत प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने बताया कि नारी केवल परिवार की धुरी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की शक्ति, मार्गदर्शिका और रक्षा का आधार भी है। भारत की जल, थल एवं वायु सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका पर भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

विद्यालय की प्रधानाचार्य एकता माहेश्वरी ने सभी मंचासीन अतिथियों का शॉल, पटका और शील्ड देकर सम्मान किया। कार्यक्रम में समाज की कई विशिष्ट और प्रेरणादायी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया, जिनमें कारगिल युद्ध के शहीद जंग बहादुर की धर्मपत्नी राजकुमारी, समाज सेविका सुनीता गुप्ता, गायत्री परिवार से संतरा देवी सहित वे महिलाएँ शामिल रहीं, जिनके परिवार में आज भी चार पीढ़ियाँ एक साथ एक चूल्हे पर भोजन करती हैं, जो समाज के लिए एक उदाहरण है।

कार्यक्रम में लगभग 255 मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का सफल संयोजन समता श्रीवास्तव एवं कंचन द्वारा किया गया तथा संचालन योगेश्वरी शर्मा ने किया।
