पंजाब के हुसैनीवाला से लाई गई शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की समाधि की पवित्र रज धूलि का बुलंदशहर के काला आम स्थित शहीद स्तंभ पर विसर्जन किया गया। राव उमराव सिंह के वंशज राव नीरज भाटी ने प्रतिमा पर रज तिलक कर शहीदों को नमन किया। चारों ओर भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद के नारे गूंजे।
बुलंदशहर: शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की समाधि स्थल हुसैनीवाला (पंजाब) से लाई गई पवित्र रज धूली आज बुलंदशहर की काला आम भूमि में विलीन हो गई। इस अवसर पर चारों ओर भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद और जय हो जिंदाबाद के नारे गूंज उठे।


रविवार सुबह करीब 11 बजे “जय हो” सामाजिक संस्था द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रेरणा यात्रा के तहत लाई गई इस रज धूलि का विसर्जन काला आम स्थित शहीद स्तंभ पर किया गया। दादरी से रज कलश लेकर बुलंदशहर पहुंचे 1857 की क्रांति के नायक रहे राजा राव उमराव सिंह के वंशज राव नीरज भाटी ने भगत सिंह की प्रतिमा को नमन कर तिलक किया और रज धूलि का विसर्जन किया।

इससे पहले नुमाइश ग्राउंड पर विधायक लक्ष्मीराज सिंह, अनिल सिसौदिया और सुंदरपाल तेवतिया के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने देशभक्ति गीतों और नारों के साथ रज कलश का स्वागत किया। इसके बाद पदयात्रा के रूप में कलश को काला आम चौराहे स्थित भगत सिंह की प्रतिमा तक ले जाया गया। वहाँ मौजूद सैकड़ों लोगों ने भी पवित्र रज से तिलक कर शहीदों को नमन किया।
“जय हो” संस्था के महासचिव परमानंद कौशिक ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर संस्था की टीम—कपिल शर्मा, संदीप भाटी, दिनेश भाटी और सचिन शर्मा—हुसैनीवाला से यह रज लेकर दादरी पहुंची थी। जहां से राव नीरज भाटी को बुलंदशहर आकर इसे विसर्जित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी देवरंजन नागर के साथ सैकड़ों नागरिकों ने रज धूलि का स्वागत किया। इस अवसर पर “जय हो” संस्था के संस्थापक कपिल शर्मा, संयोजक संदीप भाटी, अध्यक्ष दिनेश भाटी, दीपक शर्मा, वरिष्ठ कवि अक्षय प्रताप अक्षय, पीके शर्मा, सुरजीत विकल, सचिन शर्मा, प्रमोद शर्मा, प्रीतम वर्मा, अभिनव वर्मा, राम दिवाकर, प्रभात मुदगल, जितेंद्र भाटी, रविंद्र शर्मा, चौधरी ध्यान सिंह, प्रेमचंद शर्मा, अमित शर्मा, रविंद्र सिसौदिया, युवराज शर्मा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
