नगर पालिका सिकंदराबाद में बड़े घोटाले का खुलासा। 799 सिलेंडरों की चोरी पर भ्रष्टाचार के आरोप, ट्रैक्टर चोरी केस भी संदेह के घेरे में।
सिकंदराबाद: नगर पालिका सिकंदराबाद में सरकारी संपत्ति की चोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता गौतम देव शर्मा ने आरोप लगाया है कि करीब 20 लाख रुपये कीमत के 799 हैंडपंप ग्लास सिलेंडर पालिका स्टोर से चोरी कर लिए गए। उनका कहना है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं।

लंबे समय से अनियमितताएं, एफआईआर में देरी
गौतम देव के अनुसार, पालिका में काफी समय से चोरी के मामले हो रहे हैं। उन्होंने इसकी शिकायत नगर पालिका ईओ से लेकर उच्च अधिकारियों तक भेजी, लेकिन समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
मामलों पर कार्रवाई न होने से शिकायतकर्ता में रोष है।
ट्रैक्टर चोरी का मामला भी अभी तक अधर में
उन्होंने एक पुराने मामले का जिक्र भी किया, जिसमें पालिका का सरकारी ट्रैक्टर संदिग्ध परिस्थितियों में चोरी हो गया था। बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था, जिसके बाद दबाव में एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन जांच आज तक आगे नहीं बढ़ी।
799 सिलेंडरों की चोरी — सबसे बड़ा घोटाला!
4–5 महीने पहले हुई 799 DI ग्लास सिलेंडरों की चोरी को सबसे बड़ा मामला बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस प्रकरण में भी एफआईआर काफी विलंब से दर्ज हुई।
उनका आरोप है कि पालिका परिसर में पड़ा कबाड़ भी चोरी कर बेचा जा रहा है, जिससे सरकार को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यह पूरा मामला संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
मुख्यमंत्री से जांच की मांग
गौतम देव शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
ईओ बोले – मेरे आने से पहले का मामला
इस मामले में जब नगर पालिका ईओ शिवराज सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा —
“यह मामला मेरे आने से पहले का है, मुझे इसकी जानकारी नहीं है।”
हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि पदभार ग्रहण करते समय हर अधिकारी को पूरा स्टॉक विवरण दिया जाता है।
इस संबंध में जलकल विभाग की जेई अनुष्का पांडेय से भी जानकारी मांगी गई है।
नगर पालिका स्टोर से लाखों की सरकारी सामग्री गायब होने के मामले ने पूरे प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस प्रकरण में सख्त कदम उठाती है… या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
