सिकंदराबाद। श्री झारखंडेश्वर महादेव श्रृंगार सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथावाचक शशांक कृष्ण कौशल महाराज जी ने संध्या चरित, दक्ष प्रजापति का तप और सती जन्म, सती का तप एवं शिव से विवाह, शिव द्वारा सती को उपदेश, सती का मोह और यज्ञ विध्वंस, तथा मृत्युंजय मंत्र महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
कथावाचक ने बताया कि दक्ष प्रजापति ने घोर तपस्या कर अपनी कन्या सती को प्राप्त किया और उनका विवाह भगवान शिव से संपन्न हुआ। शिव द्वारा सती को धर्म एवं भक्ति का उपदेश देने के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति-भाव से भर दिया। इसके बाद सती के मोह और उनके यज्ञ विध्वंस की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

शिव महिमा का भव्य वर्णन:
कथावाचक ने शिव महापुराण के प्रसंगों को विस्तार से समझाया और शिव भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि महामृत्युंजय मंत्र के जाप से हर प्रकार के संकटों से मुक्ति पाई जा सकती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सरल उपाय है। श्रद्धालुओं ने मंत्र जाप कर भगवान शिव की आराधना की।

श्रद्धालुओं की अपार भीड़:
कथा में करीब ढाई हजार श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया। कथा स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, और श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर शिव महिमा का आनंद लेते रहे।

भोलेनाथ की भव्य आरती में शैलेन्द्र अवस्थी, नवीन गुप्ता, नितिन वर्मा, ज्ञानचंद अग्रवाल, मनीष, अनिल आढ़ती, प्रियंका, डिंपल, सौरभ, विशाल चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
श्री झारखंडेश्वर महादेव श्रृंगार सेवा समिति के पदाधिकारी सुनील वर्मा, मनोज शर्मा, गौरव गोला, पिंटू शर्मा, पवन कुमार (सोनू), बिट्टू गोयल, नरेंद्र कुमार, योगेश वर्मा, पंकज शर्मा, अजय, हितेश, भव्य अग्रवाल समेत अनेक श्रद्धालुओं ने कथा का आनंद लिया।

