सिकंदराबाद-गुलावठी कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रशासनिक दावों की पोल खोल रही है। कांवरियों के बीच से गुजरते ट्रक और कारें उनकी सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं।
सिकंदराबाद : सावन माह की कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सिकंदराबाद-गुलावठी मार्ग को पूर्णतया कांवड़ मार्ग घोषित किया है। इस मार्ग पर कांवरियों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने नगर में चार स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर रखी है, ताकि भारी वाहन या चार पहिया वाहन नगर में प्रवेश न कर सकें।
लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से उलट नजर आ रही है। गुलावठी अंडरपास मार्ग से लगातार भारी वाहनों का आना-जाना जारी है, जबकि उसी रास्ते से कांवरिए भी पैदल गुजर रहे हैं।
🔻 तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार ट्रक और अन्य भारी वाहन कांवरियों के बिल्कुल पास से गुजर रहे हैं।

📸(भारी ट्रक की हेडलाइट से घिरे कांवरिए – रात के अंधेरे में खतरे का अहसास और प्रशासनिक अनदेखी साफ झलकती है)
📸
( सड़क के किनारे चल रहे कांवरियों के ठीक बगल से ट्रक और बाइकें गुजरती दिख रही हैं।)
कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि जब प्रशासन ने मार्ग को कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षित घोषित किया है, तो फिर भारी वाहनों की आवाजाही क्यों हो रही है?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन से सवाल:
- बैरिकेडिंग के बावजूद भारी वाहन कैसे आ-जा रहे हैं?
- क्या मौके पर तैनात पुलिसकर्मी स्थिति पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे?
- कांवरियों की सुरक्षा को लेकर सिर्फ कागजों में तैयारियां क्यों?
जनहित में अपील: प्रशासन से अपील है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कांवड़ मार्ग पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाए और ट्रैफिक व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए।
