बुलंदशहर पुलिस ने ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। ब्रेथ एनालाइजर जांच में 12 वाहन चालक शराब पीकर वाहन चलाते पाए गए, जिन पर कार्रवाई की गई।
बुलंदशहर: पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर मंगलवार रात को क्षेत्राधिकारी यातायात पूर्णिमा सिंह एवं प्रभारी निरीक्षक यातायात के नेतृत्व में भूर चौराहा समेत जनपद के प्रमुख मार्गों पर सघन वाहन चेकिंग की गई।

इस दौरान जनपद की 12 क्रिटिकल कॉरिडोर (सीसी) टीमों और संबंधित थाना पुलिस ने दुर्घटना संभावित स्थलों पर वाहन चालकों की जांच की। ब्रेथ एनालाइजर मशीन से की गई जांच में 12 वाहन चालक शराब पीकर वाहन चलाते हुए पाए गए, जिनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।

यातायात पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ब्रेथ एनालाइजर मशीन से ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ की पहचान की जाती है। यदि 100 मिलीलीटर रक्त में 30 मिलीग्राम से अधिक अल्कोहल पाया जाता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के अंतर्गत पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या छह माह तक की सजा का प्रावधान है। वहीं दूसरी बार पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना या दो वर्ष तक की जेल हो सकती है। इसके अतिरिक्त वाहन जब्ती एवं ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी अत्यंत खतरनाक है। इसी को देखते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे।

बुलंदशहर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन न चलाएं, यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करें।
