बुलंदशहर में सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। बिहार चुनाव में 65 हज़ार मतदाताओं को सूची से हटाने को उन्होंने सुनियोजित साज़िश बताया। सरकार पर दलित, गरीब और वंचित विरोधी होने का आरोप लगाया।
बुलंदशहर: सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि संसद में कानून पास कराना आसान काम नहीं है। यह मामला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू तक जाएगा और इसकी आंच उत्तर प्रदेश तक भी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि चोरी हक की हो या वोट की, चोरी गलत है। जब चोरी होती है तो जनता के मन में आक्रोश और अविश्वास पैदा होना लाजमी है। चंद्रशेखर ने दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 65 हज़ार मतदाताओं को सूची से हटा दिया गया, जबकि लोकसभा चुनाव में इन्हीं इलाकों में इन्हीं मतदाताओं ने एनडीए को 40 में से 30 सीटें दिलाई थीं।

सांसद ने सरकार पर दलित, गरीब और वंचित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का मकसद केवल पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना है। गरीबों की ज़मीन और संसाधनों को छीनकर अमीरों के हाथों में सौंपा जा रहा है।
उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि पत्रकार, जवान, नौजवान और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में किसानों की फसलें पानी में बह गईं लेकिन सरकार मदद देने में नाकाम रही। शिक्षा और रोजगार का अधिकार छीना जा रहा है। खुलेआम रेप और हत्याएं हो रही हैं, मगर सरकार आंख मूंदे बैठी है।
चंद्रशेखर आज़ाद बुलंदशहर के गांव जौनपुर में आज़ाद समाज पार्टी के एक कार्यकर्ता की शोकसभा में शामिल होने के लिए आए थे।
