सिकंदराबाद स्थित बाबू बोधराज कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित खेल प्रतिभा सम्मान समारोह में 87 विद्यार्थियों को मेडल व प्रमाण पत्र मिले। कार्यक्रम में पूर्व डीजीपी डीएस चौहान सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए।
सिकंदराबाद : रेलवे रोड स्थित बाबू बोधराज कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि उभरती हुई प्रतिभाओं की जन्मभूमि है। विद्यालय में आयोजित खेल प्रतिभा सम्मान समारोह बच्चों की उपलब्धियों, शिक्षकों की समर्पित मेहनत और स्कूल की उत्कृष्ट परंपराओं का भव्य प्रदर्शन बनकर सामने आया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदा के मंगल आशीर्वाद और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। दीप प्रज्ज्वलन का शुभ कार्य पूर्व डीजीपी डीएस चौहान और विद्यालय के चेयरमैन परशुराम चोपड़ा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में गौरव चोपड़ा, शीतल चोपड़ा, राजेंद्र कंसल, सीओ सिकंदराबाद, कोतवाली प्रभारी सिकंदराबाद सहित अनेक सम्मानित अतिथि मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय की इस प्रेरणादायक पहल की सराहना की।
समारोह का सबसे आकर्षक और भावपूर्ण पल रहा नन्हीं बालिका स्वर्णिका का मनमोहक नृत्य। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।
वहीं खेल प्रस्तुतियों ने बच्चों के जोश, अनुशासन और कठिन परिश्रम को उजागर किया। बैडमिंटन, बॉक्सिंग, ताइक्वांडो, कराटे, शूटिंग और टेबल टेनिस जैसे खेलों में बच्चों ने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुल 87 विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेडल और प्रमाण पत्र हासिल किए।
चेयरमैन परशुराम चोपड़ा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, “विद्यालय एक पवित्र भूमि है जहाँ प्रतिभाएँ जन्म लेती हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा अपने कौशल में दक्ष बने और ऊँचाइयों को छुए।”
एकेडमिक डायरेक्टर विभा चोपड़ा ने पूर्व डीजीपी डीएस चौहान का परिचय कराते हुए कहा कि वे न केवल प्रशासनिक क्षेत्र में बल्कि खेल जगत में भी सक्रिय रहे हैं और उनके व्यक्तित्व को शब्दों में बांधना संभव नहीं है।
अपने संबोधन में पूर्व डीजीपी डीएस चौहान ने छात्रों के उत्साह की प्रशंसा करते हुए कहा, “आज इन बच्चों को देखकर मुझे अपने स्कूल के दिन याद आ गए। यह विद्यालय शिक्षा और खेल दोनों में संतुलन बनाकर बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। यहां के सभी कोच उच्च स्तरीय हैं और यही आने वाली प्रतिभाओं को देश का नाम रोशन करने में मदद करेंगे।” उन्होंने राम चोपड़ा द्वारा स्थापित किए जा रहे स्टेडियम को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
विद्यालय के डायरेक्टर राम चोपड़ा ने कहा, “एक स्कूल एक जोहरी की तरह होता है, जो हर बच्चे की प्रतिभा पहचानकर उसे निखारने का कार्य करता है। शिक्षा और खेल, दोनों ही बच्चों में आत्मविश्वास और अनुशासन लाते हैं। यह समारोह इस बात का संदेश है कि जब ज्ञान और संस्कार साथ हों, तो हर बच्चा चमकने की क्षमता रखता है।”
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। मंच संचालन तान्या भाटी ने अपनी प्रभावशाली वाणी से किया।
यह समारोह बच्चों की मेहनत का सम्मान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को प्रोत्साहित करने वाला प्रेरणादायक आयोजन साबित हुआ।
