सिकंदराबाद: क्षेत्र के ग्राम भराना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन कथा व्यास आचार्य पंडित राकेश कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा अमृत का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान की कथा संसार रूपी कीचड़ को धो देती है। अन्य पुण्य कर्मों का फल कालांतर में प्राप्त होता है, लेकिन हरि कथा और सत्संग का फल तत्काल मिलता है।
उन्होंने कहा कि जैसे हाथ में नकद धन होने पर आवश्यकता की वस्तु तुरंत खरीदी जा सकती है, जबकि चेक का भुगतान मिलने तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है, उसी प्रकार अन्य पुण्य कर्मों का फल बाद में मिलता है, लेकिन भगवान की कथा सुनने मात्र से मनुष्य के जीवन में तत्काल सकारात्मक परिवर्तन आने लगता है। हरि कथा अमृत ऐसा दिव्य आनंद प्रदान करती है, जो कभी समाप्त नहीं होता।
आचार्य शास्त्री ने गोपियों के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि देवताओं को अमृत भी सीमित मात्रा में मिलता है, जबकि हरि कथा अमृत का रस असीम है। इसे जीवनभर पीया जा सकता है और यह कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समाज को भगवान की कथा सुनने का अवसर प्रदान करता है, उससे बड़ा दानी कोई नहीं हो सकता।

कथा के दौरान सिकंदराबाद क्षेत्र के विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने पहुंचकर कथा व्यास का पगड़ी पहनाकर सम्मान किया तथा उनकी टीम का माल्यार्पण कर स्वागत किया। विधायक ने अपने संबोधन में क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को जीवंत बनाए रखने में भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर समाजसेवी नवीन शर्मा ने भी कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में वेदमूर्ति स्वामी फलहारी महाराज, आचार्य पंडित आशीष उपाध्याय, परीक्षित लोकेश ठेकेदार, वीर सिंह, रामगोपाल भगत, प्रमोद गिरी, खेमचंद, कैप्टन प्रमोद, महासय सोभेंद्र, मलूक सिंह, प्रीतम मास्टर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
प्रसाद वितरण व्यवस्था में रोहित, अनिल, आजाद, पवन गुरुजी, प्रवीण, मोहित, राजकुमार, अनिल तथा मेमपाल का विशेष सहयोग रहा। कथा के दौरान आचार्य ने इंद्र दमन, महारास, कंस वध, सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण, उद्धव-गोपी संवाद तथा भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। मधुर भजनों से पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
