डिबाई। काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी समारोह के पावन अवसर पर देश के अमर शहीदों की याद में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शुक्रवार को संविलियन विद्यालय महाराजपुर उर्फ़ रतुआ नगला, डिबाई में प्रातःकाल प्रभात फेरी निकाल कर ग्रामीणों को काकोरी ट्रेन एक्शन के विषय में संक्षेप जानकारी सहायक अध्यापक मौहम्मद मक़सूद ने दी।

उन्होंने बताया कि शहीद राम प्रसाद बिस्मिल, शहीद अशफ़ाक़ उल्लाह खाँ, शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, शहीद ठाकुर रोशन सिंह आदि ने 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के निकट काकोरी में सरकारी खज़ाना ला रही सहारनपुर- लखनऊ पैसेंजर ट्रेन को शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी ने चेन खींच कर रोका और अपने समस्त क्रांतिकारी साथियों के साथ अंग्रेज़ों के सरकारी खज़ाने पर क़ब्ज़ा किया। इस घटना से क्षुब्ध हो कर अंग्रेज़ सरकार ने 40 से अधिक भारतीय क्रांतिकारियों के ख़िलाफ़ सरकार के विरुद्ध सशस्त्र युध्द छेड़ने, सरकारी ख़ज़ाना लूटने, यात्रियों की हत्या करने आदि के आरोप लगा कर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, शहीद अशफ़ाक़ उल्लाह खाँ, शहीद राजेंद्र नाथ लाहिड़ी तथा शहीद क्रांतिकारी को फांसी की सज़ा दी गई। 16 क्रांतिकारियों को 4 से आजीवन कारावास व काला पानी की सज़ा दी गई मगर इस घटना के बाद अंग्रेज़ी हुकूमत की जड़ें हिल गयीं।

प्रभात फेरी और नुक्कड़ भाषण के बाद कक्षा 4 से 8 के बच्चों की कला प्रतियोगिता व सुलेख प्रतियोगिता कराई गई।

क्रमशः प्रथम, द्वितीय , तृतीय आने वाले बच्चों को शिक्षा उपयोगी सामग्री वितरित की। तत्पश्चात बच्चों को टीवी पर काकोरी ट्रेन एक्शन से संबंधित छाया चित्र और फिल्म भी दिखाई गई।

अन्त में समस्त बच्चों को मध्यान्ह भोजन के पश्चात मिष्ठान भी वितरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नेत्रपाल प्रधानाध्यापक ने की तथा संचालन मक़सूद जालिब ने किया। इस अवसर पर पंचायत सहायक कृष्ण पाल, बदन सिंह, मिथलेश यादव, रिंकू बाबू, मनवीर सिंह, राधा देवी और हिम्मत सिंह आदि उपस्थित रहे।
