सिकंदराबाद: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का असर सोमवार को सिकंदराबाद के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर 33 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसके चलते अस्पताल में लैब की जांचें बंद रहीं और एनएचएम डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा। वहीं, टीबी सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन भी प्रभावित रहा। जन्म प्रमाण पत्र बनाने का काम भी बंद रहा। हालांकि, अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं चालू रखी गईं।
एनएचएम संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में अपनी छह प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, महंगाई भत्ता (डीए), ईपीएफ, एचआरए और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

नियमितीकरण और समान वेतन की मांग
ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। संगठन ने 18 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की है।
इसके अलावा कर्मचारियों ने रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण नीति लागू करने, मृतक संविदा कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने और नियमित पदों की भर्ती में संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी उठाई है।
मरीजों को हुई परेशानी, इमरजेंसी चालू
सोमवार को 33 कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। लैब में जांचें नहीं होने और एनएचएम डॉक्टरों की ओपीडी बंद रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं बंद नहीं की गईं।
कर्मचारियों की मांगों पर शासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
