सिकंदराबाद: नगर पालिका बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 115 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट पेश किया गया। बैठक में शहर के नालों पर अवैध कब्जे, जलभराव और बंदरों के आतंक का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया रहा।
गुरुवार को नगर पालिका सभागार में चेयरमैन प्रदीप दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वार्षिक बजट रखा गया। बजट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 का 32.48 करोड़ रुपये अवशेष है, जबकि नए वर्ष में 82.59 करोड़ रुपये आय का अनुमान लगाया गया है। इस तरह कुल अनुमानित आय 115.08 करोड़ रुपये होगी। वहीं कुल व्यय 113.91 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। वर्ष के अंत में करीब 1.16 करोड़ रुपये शेष रहने का अनुमान है।
बैठक के दौरान सभासदों ने शहर के मुख्य नालों पर अवैध निर्माण को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि नालों पर कब्जे के कारण बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ रही है। इसके अलावा बंदरों के हमलों से लोगों में डर का माहौल है।
चेयरमैन प्रदीप दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 दिन के भीतर सभी नालों से अवैध कब्जे हटाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित जेई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में 15 वार्डों में इंटरलॉकिंग टाइल्स, एलईडी स्ट्रीट लाइट, 5 नए हैंडपंप लगाने और कूड़ा निस्तारण के लिए 2 नए वाहन खरीदने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
अधिशासी अधिकारी शिवराज सिंह ने बताया कि जल्द ही नालों की पैमाइश कर विशेष अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
