सिकंदराबाद। श्री रामलीला कमेटी के तत्वाधान में श्री आदर्श राधिका कृष्ण लीला मंडल एवं रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा रामलीला में शूपर्णखा नाक छेदन और खर- दूषण वध की लीला का मंचन किया गया।


मंचन में भरत भगवान राम से मिलने वन पहुंच जाते हैं और भरत भगवान राम से चरण पादुका लेकर वापस अयोध्या लौट जाते हैं। इसके बाद लीला में राक्षसी शूपर्णखा राम और लक्ष्मण के रूप को देखकर कमुख होकर उनसे निवेदन करती है। जब उसका निवेदन स्वीकार नहीं होता है तो वह क्रोध वश सीता पर आक्रमण कर देती है। जिस पर लक्ष्मण सीता की रक्षा करते हुए उसकी नाक काट देते हैं।

रोती हुई शूपर्णखा खरदूषण के पास जाकर सहायता मांगती है। खरदूषण भगवान राम से युद्ध करने आता है, लेकिन प्रभु राम की माया से नष्ट हो जाता है। लीला में कलाकारों द्वारा मधुर वाणी का श्रद्धालुओं ने खूब जमकर आनंद उठाया। रामलीला का संचालन प्रभारी अरविंद दीक्षित ने किया।

