क़व्वालों ने बाँधा समा, पढ़े सूफियना कलाम
सिकंदराबाद। प्रसिद्ध सूफ़ी संत हाजी बाबा मिस्कीनी शाह ताजी रहमतुल्लाह अलैह और बाबा फ़रीद साबरी रहमतुल्लाह अलैह के तीन दिवसीय वार्षिक उर्स व 108 वें जश्ने ग्यारहवीं शरीफ़ गुरूवार को चार बजे क़ुल शरीफ़ की रस्म से संपन्न हुआ। सज्जादानशीन सैयद शाह हुसैन मिस्कीनी ने अक़ीदतमन्दों से सूफ़ी संतों के बताये रास्ते पर चल कर मानवता की सेवा बिना भेदभाव करने का आह्वान किया।

इसके बाद महफ़िले क़व्वाली की आयोजन किया गया जिसमें लईक ताज क़व्वाल एण्ड पार्टी आदि ने सूफ़ियाना कलाम पेश कर के अक़ीदतमन्दों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

क़ुल की रस्म के मौक़े पर सज्जादानशीन सैयद शाह हुसैन शाह मिस्कीनी ने देश की एकता अखंडता , विकास, भाई चारे, प्रेम और शांति के लिये विशेष प्रार्थना की।

इस अवसर सैयद फ़ख़रुद्दीन शाह मिस्कीनी, सैयद सज्जाद शाह मिस्कीनी, सैयद आतिफ़, सूफ़ी फज़लुरर्हमान लुत्फ़ी, डाॅ सलीमुद्दीन, मुतीब खाँ, आमिर ज़ैदी, सद्दीक खां, समद मिस्कीनी, वहीद मिस्कीनी, क़य्यूम,खलील, तालिब, गालिब, शेर मौहम्मद तथा वहीद रजौला आदि उपस्थित रहे।

1 thought on “<span class="first">क़ुल</span> <span class="second">की रस्म के साथ तीन दिवसीय उर्स व 108 वाँ जश्ने ग्यारहवीं शरीफ़ संपन्न</span>”
वाह वाह वाह वाह
लाजवाब
Good Job Sir Ji