सिकंदराबाद: रमजान माह के शुक्रवार को नगर की जामा मस्जिद में जुमा-तुल-विदा की नमाज अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग मस्जिद में पहुंचने लगे, जिससे जामा मस्जिद परिसर और आसपास का इलाका नमाजियों से भर गया।
नमाज के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी। नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में सज्दा कर अपने गुनाहों की माफी मांगी और सभी के लिए खुशहाली की दुआ की।
जामा मस्जिद में नमाज के समय भारी भीड़ देखने को मिली। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मस्जिद के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा लगातार निगरानी की गई।
शाही जामा मस्जिद के इमाम-ओ-खतीब मौलाना मौहम्मद आरिफ़ क़ासमी ने बताया कि रमजान के पाक महीने में ईद से पहले आने वाले आखिरी शुक्रवार को जुमा-तुल-विदा कहा जाता है। अलविदा का अर्थ रमजान के आखिरी जुमे की विदाई से है। इस दिन की नमाज का इस्लाम में विशेष महत्व माना जाता है।
उन्होंने बताया कि इस्लामिक मान्यता के अनुसार अलविदा की नमाज के बाद सच्चे दिल से मांगी गई जायज दुआ को अल्लाह कुबूल करता है और बंदों को गुनाहों से पाक-साफ कर देता है। इसी आस्था के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने अलविदा की नमाज अदा कर ईद की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
