सिकंदराबाद: नगर के मोहल्ला रामवाड़ा स्थित रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में श्री आदर्श राधिका कृष्ण कला मंडल एवं रामलीला मंडल वृंदावन धाम के कलाकारों ने ताड़का वध और सुबाहू वध की लीलाओं का मंचन किया। भगवान श्रीराम के पराक्रम और धर्म की रक्षा के प्रसंगों को देखकर दर्शक भाव-विभोर हो उठे। लीला के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

आरती और तिलक के साथ हुआ लीला का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अरविंद दीक्षित, संजीव गोयल हेरीटेज, लोकेश कौशल तथा सौरभ शर्मा ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की आरती उतारकर एवं तिलक लगाकर किया। इसके बाद कलाकारों ने रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर दर्शकों को धार्मिक और आध्यात्मिक भावों से जोड़ दिया।

महर्षि विश्वामित्र के साथ वन की ओर चले राम-लक्ष्मण
लीला में भगवान श्रीराम के जन्म के बाद चारों भाइयों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरु वशिष्ठ के आश्रम भेजा गया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचे और अपने यज्ञ में राक्षसों द्वारा उत्पन्न की जा रही बाधाओं से मुक्ति दिलाने के लिए श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ भेजने का आग्रह किया।
राजा दशरथ ने पहले अपने प्रिय पुत्रों को भेजने से इनकार कर दिया। उन्होंने विश्वामित्र से कहा कि वह जो चाहें मांग सकते हैं, लेकिन राम और लक्ष्मण को उनसे अलग न करें। हालांकि, गुरु वशिष्ठ के समझाने पर राजा दशरथ ने श्रीराम और लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेज दिया।

श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषियों को दिलाई राहत
वन मार्ग में श्रीराम का सामना राक्षसी ताड़का से हुआ। धर्म और ऋषि-मुनियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीराम ने ताड़का का वध कर दिया। इसके बाद श्रीराम और लक्ष्मण ने महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा का दायित्व संभाला। इस प्रसंग का कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया, जिसे देखकर दर्शकों ने खूब सराहना की।

सुबाहू वध के साथ दिया धर्म की विजय का संदेश
ताड़का वध का समाचार मिलने पर उसका भाई सुबाहू युद्ध करने पहुंचा। यज्ञ में विघ्न डालने आए सुबाहू का भी भगवान श्रीराम ने वध कर दिया। इस प्रकार महर्षि विश्वामित्र का यज्ञ निर्विघ्न संपन्न हुआ। ताड़का और सुबाहू वध की लीलाओं के माध्यम से बुराई पर अच्छाई तथा अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया गया।
श्रद्धालुओं की रही बड़ी संख्या में मौजूदगी
इस अवसर पर जगदीश बजाज, सुशील सर्राफ, एडवोकेट विपुल गर्ग, सचिन मित्तल और सेवादार राधेलाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने रामलीला का आनंद लिया और भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

