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सिकंदराबाद: नगर पालिका बोर्ड बैठक में भिड़े सभासद, जमकर हंगामा

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सिकंदराबाद नगर पालिका की बोर्ड बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा के दौरान सभासद आपस में भिड़ गए। सफाई व्यवस्था, पेयजल सप्लाई और डेयरियों को बाहर करने की मांग पर जमकर हंगामा हुआ।


सिकंदराबाद:  नगर पालिका सभागार में बुधवार को आयोजित बोर्ड बैठक विकास कार्यों की बजाय हंगामे के लिए सुर्खियों में रही। कस्बे के विकास को लेकर बुलायी गयी बैठक में कुछ सभासद आपस में भिड़ गए और देखते ही देखते माहौल गरमा गया।

बैठक का शुभारंभ बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. प्रदीप दीक्षित की अध्यक्षता में हुआ। जैसे ही चर्चा शुरू हुई, सभासदों ने एक-एक कर समस्याओं का पिटारा खोल दिया।

सभासदों ने कहा कि “सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है, रात में स्ट्रीट लाइटें नहीं जलतीं, ऑनलाइन टैक्स भरने पर कोई छूट नहीं मिल रही और पेयजल सप्लाई बदहाल है।”

इसी दौरान कस्बे के अंदर बनी पशु डेयरियों पर भी तीखी बहस छिड़ गई। सभासदों ने साफ कहा कि “डेयरियों से नाले-नालियों में गोबर भर रहा है, जिससे पूरे कस्बे में गंदगी फैल रही है। इन्हें कस्बे से बाहर शिफ्ट किया जाए।”

नगरपालिका अध्यक्ष डॉ.प्रदीप दीक्षित ने इस पर सख्ती दिखाते हुए कहा, “नियमों का पालन न करने वाले डेयरी संचालकों पर नोटिस जारी किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया जाएगा।”

लेकिन जब बैठक में लाए गए प्रस्ताव पर आम सहमति बनाने की कोशिश हुई, तभी दो गुटों के सभासद आपस में भिड़ गए। सभागार में जमकर नोकझोंक और शोरगुल शुरू हो गया। कुछ देर के लिए स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बैठक ठप हो गई।

 

हालांकि वरिष्ठ सभासदों और अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया। इसके बाद बैठक को किसी तरह आगे बढ़ाया गया।

बैठक के अंत में नगरपालिका अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि “जनहित से जुड़ी योजनाओं में कोई भी बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कस्बे के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।”

👉 यह बैठक जहां कस्बे के विकास का रोडमैप तय करने के लिए बुलाई गई थी, वहीं अंत में सभासदों के बीच हुई कहासुनी और हंगामे के चलते चर्चा का मुख्य मुद्दा बन गई।


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