सिकंदराबाद के राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में टयूबवैल की मोटर फुंकने से तीन दिन से पानी की सप्लाई ठप है। मरीजों, डॉक्टरों और स्टाफ को पानी के लिए बाहर से व्यवस्था करनी पड़ रही है।
सिकंदराबाद : राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में पानी की सप्लाई ठप हो जाने से मरीजों, तीमारदारों और चिकित्सकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में लगे टयूबवैल की मोटर तीन दिन पहले फुंक गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।

अस्पताल में रोजाना करीब 800 मरीज ओपीडी में पंजीकरण कराते हैं, जबकि सैकड़ों की संख्या में पुराने मरीज दवा लेने और परामर्श के लिए पहुंचते हैं। वहीं परिसर में रहने वाले 12 चिकित्सकों के परिवार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दस परिवारों को भी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।

पीपीसी सेंटर पर जहां प्रतिदिन लगभग 200 महिलाओं की ओपीडी होती है, वहां भी पानी की जरूरतें कर्मचारी बाहर से पानी लाकर पूरी कर रहे हैं। टयूबवैल की मोटर खराब होने से न सिर्फ पीने का पानी उपलब्ध नहीं है, बल्कि कपड़े धोने और शौचालयों की सफाई भी नहीं हो पा रही है।

हालात इतने खराब हैं कि नगरपालिका प्रशासन द्वारा भेजा गया एकमात्र पानी का टैंकर भी नाकाफी साबित हो रहा है। टैंकर से लाया गया पानी कपड़े धोने और शौचालय उपयोग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
शौचालयों में गंदगी और बदबू से मरीज परेशान
शौचालयों में सफाई न होने के कारण दुर्गंध फैली हुई है। मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि परिसर में लगे हैंडपंप का पानी भी पीने योग्य नहीं है, जिससे वे बाहर से पानी लाने को मजबूर हैं। मोहल्ला सद्दीकनगर निवासी शकील अहमद ने बताया कि पानी की अनुपलब्धता और गंदगी देखकर कई तीमारदार मरीजों को लेकर वापस चले गए।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
इस संबंध में सीएमओ सुनील कुमार दोहरे ने कहा कि मामले की जानकारी लेकर जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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