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किसानों की सहमति बिना नहीं लेंगे एक इंच भूमि : लक्ष्मीराज सिंह

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-भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध सराय दुल्हा में 10 गाँवों के सैकड़ो किसानों की महापंचायत

-चोला क्षेत्र किसान वैल्फेयर सोसाइटी ने मुख्य मंत्री को संबोधित 14 सूत्री ज्ञापन विधायक को सौंपा

-किसान क्यों कर रहे हैं महापंचायत,आखिर क्या हैं किसानों की मांग?

-जेवर की तर्ज़ पर मुआवज़े की मांग

सिकंदराबाद: उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा 26 वर्ष पूर्व 10 गाँवों की 1049.664 हेक्टेयर कृषि भूमि अति आवश्यकता दर्शा कर किसानों की सहमति बिना अधिग्रहण की गई भूमि को वापस करने या जेवर की तर्ज़ मुआवज़े की मांग पर 10 गाँवों के किसानों की महापंचायत ग्राम सराय दुल्हा में आयोजित की गई। चोला क्षेत्र किसान वैल्फेयर सोसाइटी ने किसानों की मांग का 14 सूत्री ज्ञापन मुख्य अतिथि विधायक लक्ष्मीराज सिंह को सौंपा। 

बुलंदशहर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया
बुलंदशहर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया

विधायक लक्ष्मीराज ने आश्वासन दिया 

किसानों को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मीराज ने आश्वासन दिया कि किसानों की सहमति के बिना उनकी एक इंच भी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के हितों का ध्यान रख रही है। विधायक ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए आगामी सप्ताह के आरंभ में समय लिया गया है। इस बैठक में चोला क्षेत्र के किसानों का प्रतिनिधिमंडल भी उनके साथ शामिल होगा।

बुलंदशहर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया
बुलंदशहर में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया

बता दें कि 1998 में अति आवश्यकता दिखा कर उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम ने चोला क्षेत्र के 10 गाँवो सराय दुल्हा,आढा,बोढा,सराय जगन्नाथ,शाहबाज़पुर,कनकपुर,लौहाकर,जुनैदपुर और पचौता की 1049.664 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया था। 26 वर्ष बाद भी उक्त भूमि का निगम ने कोई उपयोग नहीं किया । जेवर इंटरनेशनल एयर पोर्ट नज़दीक होने के कारण उक्त भूमि का महत्व अधिक होने के कारण अब किसानों ने या तो जेवर भूमि अधिग्रहण की तर्ज़ पर मुआवज़ा देने या भूमि किसानों को वापस करने और पूर्व में लिया गया मुआवज़ा वापस करने को भी तैयार हैं।

किसानों की मांग

जेवर के तर्ज पर मुआवजा महापंचायत में उपस्थित किसानों ने विधायक से अपनी मांग रखते हुए कहा कि वे पिछले ढाई दशक से चोला अधिग्रहण के मामले में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ने मांग की कि जिस प्रकार जेवर क्षेत्र के किसानों को मुआवजा दिया गया है, उसी तर्ज पर चोला क्षेत्र के किसानों को भी मुआवजा मिलना चाहिए।

महापंचायत में भारी संख्या में किसानों की भागीदारी इस महापंचायत में क्षेत्र के गांव आढा, बोढा, सराय दूल्हा, सराय जगन्नाथ, सहबाजपुर, कनकपुर, लोहाकर, जुनेदपुर और पचोता से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता थान सिंह चौधरी ने की, जबकि संचालन रणपाल यादव ने किया।

शांतिपूर्ण संघर्ष रहेगा जारी किसानों ने विधायक को भरोसा दिलाया कि वे अपने हक के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। महापंचायत के दौरान किसानों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपनी आवाज को मजबूती से बुलंद किया। विधायक ने भी किसानों की समस्याओं को पूरी गंभीरता से मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का वादा किया।

किसान क्यों कर रहे हैं महापंचायत,आखिर क्या हैं किसानों की मांग?

1. भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 की धारा 17 उपधारा (1) व (4) अतिआवश्यकता में उक्त भू-अर्जन कार्यवाही वर्ष 1998 मे प्रारम्भ हुई।
2. 26 वर्ष बीत जाने पर भी भूमि उत्पादनकारी उपयोग में परिवर्तित न होकर आज तक अनुपयोजित है। आवश्यकता की धारा के अनुसार किसानो की सहमती प्राप्त किये बिना राजस्व अभिलेखों में अर्जन निकाय का नाम दर्ज किया गया। जमीन का अधिकार किसानो से छीने जाने से उनमे आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक स्थितियो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
3. जब कि आज तक भी 26 वर्ष बीतने के उपरान्त सन्दर्भित भूमि पर किसानो का पूर्णरूपेण कब्ज़ा है। इस भू-अर्जन से लगभग 01 लाख की आबादी प्रभावित है।
4.  इस अर्जन से सम्बन्धित ब्लॉक सिकन्द्राबाद में पूर्व में भी औधोगिक क्षेत्रविकसित किया गया, जिसमे अभी तक भी लगभग 30 प्रतिशत प्लाट खाली पड़े है। 26 वर्ष पूर्व अतिआवश्यकता में सम्बन्धित भूमि का अधिग्रहण किया गया। अतिआवश्यकता में उक्त भू-अर्जन का कोई ओचित्य नही बनता।
5. अर्जित भूमि कृषि की बहुफसली सभी प्रकार की सिचाई से मुक्त एन०सी०आर० क्षेत्र में सिकन्द्राबाद खुर्जा राजकीय मार्ग के दोनों तरफ स्थित है। अर्जित भूमिपूर्वी एवं पश्चिमी रेलवे फ्रंट कोरिडोर ग्रेटर नोएडा की विकास योजनाओ के लिए 80 गावों की जमीन के अन्तर्गत पड़ती है।
6. जेवर इंटरनेशनल एअरपोर्ट से नजदीक होने के कारण इस जमीन का महत्व अधिक है।
7. बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की योजनाओ से घिरी राजकीय राजमार्ग 34 पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग 91, बुलंदशहर- जेवर राजमार्ग से जुडी सुविधायुक्त है।
8. दो दशक में महगाई वृद्धि का, दैनिक उपयोग की चीजो के साथ सरकारी कर्मचारियों को 07वे वेतन आयोग का लाभ के अनुरूप कार्यवाही की जाये।
9. पूर्व में प्राधिकरणों द्वारा भू मुवावजे के रूप में जो भी धनराशि रखी गई, उसमे किसानो से कोई सहमति प्राप्त नही की गई, कुछ ऐसे व्यक्तियों द्वारा जो किसान नही हैं। करार कर मनमाने ढंग से मुवावजा तय कर दिया गया।
10. उक्तनिर्णय के विपरीत अधिकतर किसानो ने मा० उच्च न्यालय इलाहाबाद में वादयोजित किये गये जो आज भी मा० उच्चन्यालय इलाहाबाद में विचाराधीन है।
11. नोएडा विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण, यमुना विकास प्राधिकरण एवं जेवर एअरपोर्ट के लिये अर्जित भूमि के जो रेट व सुविधाएँ है उनके अनुरूप मुवावजा एवं अन्य सुविधाएँ जो किसानो को मिली है वह हमे भी प्रदान की जाये।
12.अधिग्रहण की नई नियामावली वर्ष 2013 के अनुसार भू-अधिग्रहण किया जाये।
13. यदि प्राधिकरण को भूमि की आवश्यकता नही हैं तो हमारी भूमि किसानो को वापस कर दी जाये। जो मुवावजे के रूप में धनराशि किसानो को दी गई हैं उसे किसान वापस कर देंगे।
14. भू-अर्जन की सीमा में किसान की जो अपनी निजी आबादी बनी हुई है उसके साथ कोई छेड़छाड़ नही किया जाये।
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