सिकंदराबाद: शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त कथित अनियमितताओं और निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के विरोध में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिला संयोजक कर्मवीर सिंह भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
500 की किताबें 5000 में बेचने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कर्मवीर सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई निजी स्कूल शासन के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नर्सरी से कक्षा 8 तक के छात्रों पर एनसीईआरटी की किताबों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें जबरन थोपी जा रही हैं, जिनकी कीमत 500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये तक वसूली जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीटीए, जनरेटर और अन्य मदों के नाम पर अवैध शुल्क वसूला जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
7 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
एबीवीपी ने प्रशासन को 7 दिन का समय देते हुए मांग की है कि संबंधित स्कूलों की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो तहसील और जिला मुख्यालय पर घेराव और तालाबंदी जैसे कदम उठाए जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “शिक्षा का व्यापार बंद करो” और “छात्र एकता जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए, जिससे पूरा तहसील परिसर गूंज उठा। इस मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
