कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने बुलंदशहर में प्रेस वार्ता कर योगी सरकार पर जाति और धर्म देखकर कार्यवाही करने का आरोप लगाया। कहा, यूपी अपराध प्रदेश बन चुका है, सीएम को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
बुलंदशहर: प्रदेश सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आयोजित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत कांग्रेस जिलाध्यक्ष एडवोकेट जियाउर्रहमान ने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार जाति और धर्म देखकर अपराधियों पर कार्यवाही करती है, जिसके चलते अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है।

जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि आठ साल के शासनकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश को अपराध प्रदेश बना चुके हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों का 15 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में दर्ज होता है। वहीं दलितों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में दलितों की बारातों पर हमले, उन्हें घोड़ी पर चढ़ने से रोकना और दबंगों द्वारा उन्हें गांव से खदेड़ना जैसी घटनाएं फिर से बढ़ गई हैं। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है और अपराधियों में सरकार व पुलिस का कोई खौफ नहीं है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि विधायकों तक की पुलिस-प्रशासन में सुनवाई नहीं हो रही है।
शहर अध्यक्ष रवि लोधी और कोषाध्यक्ष मनीष चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले एक महीने में ही बुलंदशहर में हत्या, बलात्कार और लूट जैसी घटनाओं ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। अहार थाना क्षेत्र में हाल ही में गैंगरेप पीड़िता द्वारा ब्लैकमेलिंग के डर से की गई आत्महत्या ने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है और अपराध व अराजकता का राज कायम है।
पत्रकार वार्ता में पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, कंट्रोल रूम प्रभारी नईम मंसूरी, जिला महासचिव आशु कुरैशी और अब्दुल रहमान भी मौजूद रहे।
